1857 की क्रांति के बाद भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना तेजी से विकसित होने लगी। इसी राष्ट्रीय जागरण को संगठित स्वरूप देने के उद्देश्य से वर्ष 1885 में (0 टिप्पणियाँ)
लेखक: विश्वजीत मोदनवालश्रेणी: History Notes, Modern India

1857 की क्रांति के बाद भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना तेजी से विकसित होने लगी। इसी राष्ट्रीय जागरण को संगठित स्वरूप देने के उद्देश्य से वर्ष 1885 में (0 टिप्पणियाँ)